आस्था

विश्व प्रसिद्ध गिरिराज धरण ठाकुर श्री हरि देव जी महाराज का प्राकट्य डोला महोत्सव चैत्र कृष्ण पक्ष

गोवर्धन मथुरा विश्व प्रसिद्ध पवित्र तीर्थ स्थल गोवर्धन धाम के आराध्य देव गिरिराज धरण ठाकुर श्री हरि देव जी महाराज का फागण महोत्सव चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को प्रतिवर्ष हर्ष उल्लास के साथ में मनाया जाता है इस दिन नगर को सजाया जाता है तथा ठाकुर जी का डोला विष्णु स्वामी संप्रदाय निर्मोही अखाड़ा खालसा पंथ श्री गोवर्धन पीठ गिरिराज धरण ठाकुर श्री हरिदेव जी महाराज प्रांगण से श्री गोवर्धन पीठ के पीठाधीश्वर गोस्वामी आचार्य श्री पुरुषोत्तम जी महाराज के नेतृत्व में समस्त गोस्वामी समाज के साथ एवं देश विदेश से आए भक्तों बंधुओं के साथ ठाकुर जी के ढोला को प्राकट्य स्थल पर ले जाते हैं पागण स्थल पर देश विदेशी अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा होली समाज गायन किया जाता है वो प्रसादी ठाकुर जी को आरोप कराई जाती है

श्री गोवर्धन पीठ के कार्यकारी पीठाधीश्वर गोस्वामी आचार्य युवराज डॉक्टर के सी गोस्वामी ब्रज राजा ठाकुर जी ने बताया है गिरिराज धरण ठाकुर श्री हरदेव जी महाराज की स्थापना भगवान श्री कृष्ण के प्रपत्र बस जनाब द्वारा कोल पुरोहित गर्गाचार्य के नेतृत्व में गोवर्धन धाम में स्थापित की गई थी बहुत देशकाल वातावरण के अनुसार आज से 700 वर्ष पूर्व विष्णु स्वामी संप्रदाय निर्मोही अखाड़ा श्री गोवर्धन पीठ के पीठाधीश्वर गोस्वामी आचार्य संत शिरोमणि श्री केशव आचार्य जी महाराज द्वारा कुछ और बगल में कुछ ठाकुर जी की भक्ति में लीन होने के कारण देवास अपने देकर अवगत कराया कि मैं बिछुआ कुंड में छुपा हुआ हूं मुझे प्रकट करो श्री केशवा आचार्य जी द्वारा भगवान श्री हरि के सपने के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को ठाकुर श्री गिरिराज धरणश्री हरिदेव जी महाराज का प्रकट किया उसी दिन से चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को गिरिराज ठाकुर श्री हरदेव जी महाराज का भागवत उत्सव मनाया जाता है एक दोहा कहा गया है जो आम जनमानस में चरितार्थ है

मानसी गंगा श्री हरिदेव गिरवर की परिक्रमा दे कुंड कुंड चरणाअमृत जीवन जन्म सफल कर ले गिरिराज धरण ठाकुर श्री हरदेव जी महाराज का स्वरूप गिरिराज पर्वत धारण करते हुए हैं जो कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा की जाती है उसी स्वरूप का दर्शन है जिसमें गिराजा ठाकुर श्री हरदेव जी महाराज द्वारा गोवर्धन पर्वत को 7 दिन 7 रात अपने नाक पर धारण करके ब्रज वासियों को देवताओं के राजा इंद्र के कोप से बचाया था तभी से गोवर्धन पूजा होती है एक लोकोक्ति है मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर नहीं माने मेरो मनवा मानसी गंगा नाउ मेरी वीर नहीं माने मेरो मनवा उसी कि राधा ठाकुर श्री हरदेव जी महाराज का भजन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भक्त भक्ति भाव पूर्वक ठाकुर जी का फाग उत्सव मनाया जाता है इस जन संपूर्ण गोवर्धन में घर-घर में बधाई गाए जाते हैं एवं नवीन स्वादिष्ट भोग ठाकुर जी को लगाया जाता है और गोवर्धन नगरी सहित सप्तकोशी परिक्रमा मार्ग ठाकुर श्री हरदेव जी महाराज के भक्तगण भावविभोर हो जाते हैं संपूर्ण यात्रा में नाचते गाते हुए नगर क्या भ्रमण करते हैं पीठ प्रांगण में महोत्सव की तैयारियां प्रारंभ हो गई है शोभा यात्रा के संयोजक वैद्य चंद्र मोहन गोस्वामी ने बताया है इस अवसर पर भव्य फूलडोल सजाया जाएगा

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