राजनीति

कांग्रेसशासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र को घेरा, वित्तीय सहायता नहीं देने का लगाया आरोप

कोरोनावायरस के मद्देनज़र देश में लागू लॉकडाउन के बीच कांग्रेसशासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्रियों ने कहा कि अगर वित्तीय सहायता नहीं दी गई तो देश कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई कैसे जीतेगा।

पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए राज्यों के लिए वित्तीय पैकेज की मांग की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्यों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए आगे नहीं आएगी, तो कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी। गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में कहा, “जब तक राज्यों के लिए एक बड़ा वित्तीय पैकेज नहीं दिया जाएगा तो राज्य में लॉकडाउन के बाद स्थिति सामान्य कैसे होगी।” उन्होंने आगे कहा, “हमने तेजी से परीक्षण पर जोर दिया लेकिन दुर्भाग्य से परीक्षण किट विफल हो गए … किट, वेंटिलेटर की केंद्रीकृत खरीद की तत्काल आवश्यकता है, ताकि उपलब्धता, गुणवत्ता और मात्रा का आश्वासन दिया जा सके।”

एक लाख रैपिड किट की जगह सिर्फ 10 हज़ार किट मिले: सीएम अमरिंदर

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने दावा किया कि जीएसटी के 4,400 करोड़ रुपये के संसाधन अभी तक केंद्र सरकार द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा, “1 लाख रैपिड टेस्टिंग किट के स्थान पर, हमें केवल 10,000 चीन निर्मित परीक्षण किट मिले हैं और उनकी प्रामाणिकता का परीक्षण किया जाना बाकी है।”

भूपेश बघेल ने प्रवासी मजदूरों पर जताई चिंता

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब तक केंद्र मौके पर नहीं पहुंचता और राज्यों को वित्तीय सहायता नहीं देता, तब तक कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई कैसे जीती जाएगी। बघेल ने कहा कि अन्य राज्यों में फंसे छात्रों और प्रवासी श्रमिकों की वापसी पर राज्य में गहरी चिंता है।
उन्होंने कहा, “प्रवासी श्रमिकों और छात्रों की वापसी के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक नीति बनाने की आवश्यकता है। दुर्भाग्य से, केंद्र सरकार इस मुद्दे पर चुप है।”

संकट की स्थिति में कैसे बचेगा राज्य: नारायणसामी

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि केंद्र ने राज्य को कोई सहायता नहीं दी है। उन्होंने कहा, “संकट की स्थिति में राज्य कैसे बचेगा … हम दुश्मन नहीं हैं, बल्कि एक साथ काम करना है।” नारायणसामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें जीएसटी के 600 करोड़ रुपये और वित्त आयोग के हिस्से के 2,200 करोड़ रुपये नहीं दिए हैं।

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